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Best 150+ Bewafa Shayari In Hindi | बेवफ़ा शायरी हिंदी में

Best 150+ Bewafa Shayari In Hindi | बेवफ़ा शायरी हिंदी में 


हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,

हमको जो भी मिला बेवफा यार मिला,

अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,

हर कोई मकसद का तलबगार मिला।


तूने ही लगा दिया इलज़ाम-ए-बेवफाई,

अदालत भी तेरी थी गवाह भी तू ही थी।


सीख कर गया है वो मोहब्बत मुझसे,

जिस से भी करेगा बेमिसाल करेगा।

मुझे बेवफाई नहीं चाइये थी,

मुझे धोका नहीं चाइये था,

मुझे तो बस थोड़ा सा प्यार चाइये था!!








एक दौर था वो हर वक़्त मेरी फ़िक्र करने वाली ,

हर समय मेरे बारे मैं सोचने वाली कहाँ चली गई,

वफ़ा करने वाली, bewafai करके चली गयी !


अभी पास है तो ठोकर मारकर bewafa बना देते हो,

जब दूर हो जाएंगे, तो प्यार जाताओगे!


कितनी भी Care कर लो, 

Bewafai करने वाले बेवफा बन ही जाए हैं !


तुम नहीं मिले तो क्या हुआ,

सबक तो मिल गया !


जहाँ से जी ना लगे तुम वहीं बिछड़ जाना,

मगर खुदा के लिए बेवफाई ना करना !


बेवफा तो वो खुद हैं,

पर इल्ज़ाम किसी और को देते हैं,

पहले नाम था मेरा उनके लबों पर,

अब वो नाम किसी और का लेते हैं !



मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,

किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने !


यह ठीक है, आपको अपना वफा नहीं मिला,

मैं प्रार्थना करूंगा कि आपको कोई बेवफा न मिले।


दिल मारने वाले आंखों से रोते नहीं हैं,

जो अपने नहीं बने हैं वो किसी के नहीं बने हैं,





Best 150+ Bewafa Shayari In Hindi | बेवफ़ा शायरी हिंदी में

 खुदा ने पूछा क्या सजा दूँ उस बेवफा को,

दिल ने कहा मोहब्बत हो जाए उसे भी,

और कोई छोड़ के चले जाये उसे भी !


दिल में आने का तो रास्ता होता है पर,

जाने का नही इस लिए जब भी कोई इंसान जाता है,

दिल तोड़ कर ही जाता है !





तुम क्या जानो बेवफाई की हद ये दोस्त,

वो हमसे इश्क सीखता रहा किसी और के लिए !



हमको दिल से भी निकाला गया, फिर शहर से भी,

हमको पत्थर से भी मारा गया, और जहर से भी !


तेरी बेवफाई का गम तो नहीं,

मगर तू बेवफा है दुःख ये भी कम नहीं !


हम इश्क़ में वफ़ा करते करते बेहाल हो गए,

और वो बेवफाई करके भी खुशहाल हो गए।


जब आपको बिना गलती के सजा मिले,

तो उसे Bewafai कहा जाता है।


मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है,

बेवफाई में वो रोते हैं और वफ़ा में हम रोए हैं।



सब कुछ होते हुए भी इस दिल का दर्द नहीं जाता,

क्यूंकि किस्मत ने हमें Bewafai बना दिया।



दुनिया वालों का भी अजीब दस्तूर है बेवफाई मेहबूब से मिलती है ,

और बेवफा मोहब्बत बन जाती है।


जिससे हमने Bewafai पायी,

वो हमसे वफ़ा की उम्मीद करते हैं,

दिल पर जख़्म देके, निशान शरीर पर ढूंढ़ते हैं।


तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,

बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।


हमसे न करिये बातें यूँ बेरुखी से सनम,

होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।





लंगड़ी चिड़िया की दर्द भरी कहानी

लंगड़ी चिड़िया की दर्द भरी कहानी  


एक पेड़ पर टूनी नाम की चिड़िया रहती थी। उसके बचपन मे एक हादसा की वजह से उसका एक पैर कट गया था। जिसके वजह से वो चल नहीं पाती थी। वो सारा दिन घर पर अकेले बैठी रहती थी। पैर न होने की वजह से उसके माता-पिता उसको बोझ समझते थे। 

टूनी का पिता 

अरे भागयवान मै तो इस लंगड़ी टूनी से परेशान हो चुका हु। एक तो मुझे दाने लेने काफी दूर शहर के तरफ जाना पड़ता है। फिर काफी मशकद करने के बाद सिर्फ कुछ ही दाने मिलते है। कभी-कभी तो ऐसे ही खाली हाथ भी लौटना पड़ता है। अब तुम ही बताओ इतनी गरीबी मे इस लंगड़ी को हम बैठा कर कब तक खिला पाएंगे?

टूनी की मा

अरे जब उस दिन इसका पैर कटा था। मैंने आपसे उसी दिन बोला था, की ये आगे चल कर हम पर बोझ बनेगी। इसलिए इसको पॉइज़न की सुई दिलवा कर मार देते है। लेकिन आपने तो उस दिन मेरी बात नहीं मानी। तो लो अब भुगतों। 





पिता 

अरे.. हा भगवान मेरे से उस दिन बहुत बड़ी गलती हो गई थी। उस दिन इसे मारे देते तो। आज इसे बैठाकर खिलाना नहीं पड़ता। अब इससे छुटकारा पाने के लिए तुम ही कोई तरकीब बताओ?

माँ 

देखिए जी। मुझे इस लंगड़ी से छुटकारा पाने का सिर्फ एक तरकीब सूझ रहा है। 

पिता 

क्या भाग्यवान?

माँ 

इस लंगड़ी को चील कसाई से बेच देते है। इससे छुटकारा भी मिल जाएगा.. और बहुत सारे पैसे भी मिल जाएंगे। 

पिता 

अरे.. वाह भाग्यवान क्या तरकीब बताई है। आज ही रात को चील कसाई को बुलाकर इसे बेच देते है। 

टूनी चिड़िया चुपके से अपने मा और पिता की बात सुन रही थी। 

टूनी चिड़िया 

हे भगवान आप मुझे किस गलती की सजा दे रहे हो। कृपया मेरे पैर वापस कर दो। फिर मेरे मा और पापा मुझे नहीं बेचेंगे। मेरे मा और पापा बहुत अछे थे। सिर्फ पैर कटने की वजह से ऐसा बोल रहे है। कृपया आप मेरा पैर वापस कर दीजिए भगवान.. प्लीज?

इतना बोलकर टूनी फूट-फूट कर रोने लगती है। 

सूरज डूबता है और पूरे जंगल मे अंधेरा छा जाता है। तभी टूनी के पापा कसाई छील को अपने साथ घर पर लाते है। टूनी उस समय सोई हुई होती है। 

पापा 

चील जी ये देखिए इसी लंगड़ी को बेचना है। 

चील 

इस लड़की को.. अरे ये तो बहुत पतली है। इसका मांस तो इंसान बहुत सस्ते मे खरीदेंगे। मै तो इसका सिर्फ 10 रुपया ही दूंगा। बेचना है तो बेचो वरना मै जा रहा हु। 

मा 

अरे चील जी। मैंने इसको पूरी जिंदगी बैठा कर खिलाया है। इतना पैसा दो की हमे घाटा न हो। 

चील 

ठीक है। मै 5 रुपये और बढ़ा रहा हु। आपको अब 15 रुपये दे सकता हु। बेचना है तो जल्दी बोलो। 

पापा 

ठीक है चील कसाई। आप इसे जल्दी ले जाओ। 

चील कसाई अपनी पोटली मे से टूनी के मा को पैसे देता है। और टूनी को उठा कर ले जाने लगता है। तभी अचानक टूनी की नींद टूट जाती है। 


टूनी 

मा.. ये अंकल मुझे कहा ले जा रहे है माँ?

मा 

अब तू मुझे मा कह कर मत पुकार। क्यूंकी मैंने तुम्हें इस चील कसाई के हाथों बेच दिया है। अब तुम्हारा मा और पिता ये चील ही है। 

टूनी 

माँ आप मुझे क्यू बेच रहे हो। मै लंगड़ी हु इसलिए? मा मै अबसे आपका सारा काम करूंगा। प्लीज मुझे मत बेचो?

मा 

जा-जा बड़ा आई काम करने। तू लंगड़ी भला काम कैसे करेगी। तुझे भगवान ने जल्दी मरने के लिए ही पैदा किया है। 

टूनी 

पापा आप कुछ बोलो न. बोलो न चील अंकल मुझे छोड़ दे।

पापा 

अब मै क्या बोलू? अब बोलने से तुम्हें चील छोड़ थोड़े ही देगा। 

टूनी 

पापा मुझे बहुत डर लग रहा है। प्लीज मुझे मत बेचो। 

टूनी चिलाती रही लेकिन उसको कोई भी बचाने नहीं आया। 

टूनी को चिलाते देख चील को गुस्सा आ गया। 

चील 

ये लंगड़ी चिड़िया चुप हो जा वरना.. यही जिंदा तुझे कहा जाऊंगा।    

चील का गुस्सा देखर टूनी चुप हो जाती है।

चील कसाई टूनी को लेकर पास के ही बाजार मे ले जाता है। और टूनी को बेचने लगता है। 

चील 

ताजा-ताजा मांस लेलों, ताजा-ताजा मांस लेलों। 

उसके दुकान पर एक एक कौवा आता है। 

कौवा 

क्या चील भाई। पिछली बार तो बगुला का मांस बहुत अच्छा था। बहुत मजे से खाया था। लेकिन आज क्या लाए हो?

चील 

अरे कौवा भाई आज जवान चिड़िया लाया हु। बहुत तंदुरुस्त और ताजा है। जल्दी लेलों वरना कोई और ले लेगा। 

कौवा 

क्या चिड़िया लाए हो। अरे बहुत दिनों से मेरा मन चिड़िया खाने को कर रहा था। आज तुमने मेरी पुकार सुन ली। चलो दिखाओ कहा है वो चिड़िया। आज तो नमक-मिर्च लगा कर खाऊँगा। 

चील टूनी चिड़िया को दिखाता है। 

चील 

ये देखो। ये है वो चिड़िया। जल्दी ले लो। आज मुझे शादी मे जाना है। 

कौवा टूनी चिड़िया को देखता है। तभी उसकी नजर उसके टूटे पैर पर जाता है। 

कौवा 

अरे चील तुम मुझे पागल समझे हो का। इसका तो पैर टूट हुआ है। मै घायल पंछी को नहीं खाता। 

इतना बोलकर कौवा उड़कर वहा से चल जाता है। 

चील 

अरे चिड़िया को तो कोई नहीं खरीद रहा। अगर कोई नहीं खरीदेगा तो मुझे बहुत बड़ा घाटा हो जाएगा। 

चील अभी ये सोच ही रहा था। तभी सामने से वहा एक इंसान आ गया। इंसान को देखकर चील टूनी को छोड़कर फटाफट वहा से भाग गया। बेचारी टूनी चिड़िया कई दिनों से खाना न खाने की वजह से उड़ नहीं पाई। 

टूनी 

हे भगवान अगर मुझे मारना ही है तो जल्दी मार दो। मुझे इतना तड़पा क्यू रहे हो?

तभी उसके पास वो इंसान या गया। अचानक उस इंसान को देखकर टूनी और भी डर गई। वो इंसान टूनी को ध्यान से देख रहा था। 

टूनी 

मुझे छोड़ दो.. मुझे छोड़ दो.. 

तभी वो इंसान बोलता है। 

इंसान 

नन्ही चिड़िया तुम मेरे से मत डरो। मै तुम्हें कुछ नहीं करूंगा। और देखो तो तुम्हारे पैर मे चोट लगी है। चलो मई तुम्हारा इलाज करता हु। 

वो इंसान टूनी को लेकर उसका अछे से इलाज करता है। और डॉक्टर से उसका टूटा हुआ पैर भी लगवा देता है।  

टूनी अपना नया पैर देखकर बहुत खुश हो जाती है। 

टूनी 

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद इंसान भईया। 

इंसान 

अरे नन्ही चिड़िया इसमे धनवाद की क्या जरूरत है। तुम खुश हो यही मेरे लिए काफी है। 

टूनी 

इंसान भईया अब। मुझे अपने ममी और पापा की बहुत याद आ रही है। अब मुझे घर जाने का आज्ञा दीजिए?

इंसान 

ठीक है। तुम्हारी जैसी मर्जी। 

टूनी इंसान को अलविदा कह कर वहा से सीधा अपने घर चली गई। 

घर जाने पर टूनी ने देखा की उसका घोंसला टूटा हुआ है। और उसके ममी और पापा नीचे घायल होकर गिरे हुए है। 

टूनी जल्दी से अपने पैर मे ममी और पापा को उठा कर उल्लू डॉक्टर के पास इलाज कराने ले गई। 

कुछ देर के बाद उसके ममी पापा को होश आता है। तभी उल्लू डॉक्टर उनको टूनी की सारे बातें बात देता है। 

ये सुनकर उसके ममी और पापा टूनी को गले लगा लेते है। 

पापा 

मेरे से बहुत गलती हो गई बेटा मुझे माफ कर दो। मुझे तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। 

मा 

मुझे भी माफ कर दो टूनी बेटा। मैंने पैसे के लालच मे तुम्हें बेच दिया था। अब मुझे पछतावा हो रहा है। की बिना संतान की जिंदगी कैसी होती है। अगर आज तुम न होती तो हम मर ही जाते। 

टूनी 

अरे मा आप हाथ मत जोड़िए। गलतिया सब से होती है, जो इंसान अपनी गलतियों को कबुल करता है। उसे माफ कर देना चाहिए। चलो बीते हुए सभी बातों को भुला कर। एक नई जिंदगी की शुरुआत करते है। 


Sad Shayari 2 line Heart Touching

Sad Shayari 2-line Heart Touching


कभी आवाज में कशिश थी कभी नजरो में नशा था,
फिर जो तेरा असर होने लगा होश मै खोने लगा ..

तू सब देख
मैं सितम देखता हूँ..!!

ये जो हर मोड़ पे आ मिलती है मुझसे,
ये बदनसीबी मेरी
दीवानी तो नही ?








जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते हैं,
 मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है

दोनों ही बातों से तेरी, एतराज है मुझको,
 क्यूँ तू जिंदगी में आई, और क्यूँ चली गई

जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग, 
मरने के आरजू में जिया जा रहा हु में.

लिखने चले थे कुछ ख्याल,,,
जाने कब वो शायरी बन गई…

तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये.. 
मैं किससे पूछें मेरी खता क्या है..

मर रहे है पल पल तेरी यादों में,
 दम नहीं था सनम तेरे वादों में

तुम्हें नींद नहीं आती तो कोई
और वजह होगी... 
अब हर ऐब के लिए कसूरवार इश्क तो नहीं

रात की सीढ़ी पर चढ़कर... 
आसमां से कुछ सपने उतारने हैं

रुका हुआ है वो रास्ता आज भी वहाँ... ।
 ठहरे थे साथ तुम्हारे हम, एक पल जहाँ

क्या क्या नहीं बदला तेरे जाने से…
बस एक मेरे सिवा !!

मेरी फितरत में खामोशी नहीं है.....
मैं एक हंगामा हूँ, जो बोल पड़ता है




Very Very Sad Shayari in Hindi

 

Very Very Sad Shayari in Hindi 



चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नहीं, 

मोहब्बत अजनबी होकर बड़ी तकलीफ देती है। 

एक न एक दिन मैं ढूँढ ही लूंगा तुमको, 

ठोकरें ज़हर तो नहीं कि खा भी ना सकूँ ।



 इक नाम क्या लिखा तेरा साहिल की रेत पर, 

फिर उम्र भर हवा से मेरी दुश्मनी रही। 

बिछड़कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था, 

बेशक ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था










किस्मत से हार गए

वरना

मोहब्बत तो सच्ची थी


बरबाद कर देती हैं मुहब्बत 

हर मुहब्बत करने वाले को 

क्योकि इश्क हार नहीं मानता 

ओर दिल बात नहीं मानता


 मेरी आँखों को सुकून दिला जाओ न 

अपने प्यार का अहसास करा जाओ न 

ये दूरियाँ कहीं मेरी जान न 

निकाल दें मेरी जान अब तो मिलने आ जाओ न



वक्त नूर को बेनूर कर देता है 

छोटे से जख्म को नासूर कर देता है

कौन चाहता है अपनों से दूर रहें 

पर हालात एक दूसरे को मजबूर कर देता है


फिर छत से इशारा करना है, 

इस दिल को आवारा करना है

 सब जख्म पुराने सूख गए 

मुझे प्यार दोबारा करना है ।।


सलीके हमें भी आते है उन्हें कब्ज़े में करने के,

मुर्शिद उनसे कहदो अपनी अदाओं पर गुरूर न करें…!


कोई मुझे मेरी तरह चाहे तो बात है, 

वरना मुझे नहीं लगता कि, इश्क में कोई खास बात है…!


कोई मुझे मेरी तरह चाहे तो बात है, 

वरना मुझे नहीं लगता कि, इश्क में कोई खास बात है...!







sad shayari😭 life boy

Sad Shayari 😭 life boy


मोहब्बत में किसी का इंतजार मत करना,
 हो सके तो किसी से प्यार मत करना,
कुछ नहीं मिलता मोहब्बत कर के,
खुद की ज़िन्दगी बेकार मत करना।

कि तेरी यादें आज भी उन पन्नों में दर्ज है
जिस किताब को मेरे आंसुओं ने लिखा था….








मेरा वक्त जता रहा है दुख मेरा
यार बेवफा निकाला राजा मेरा

यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर, 
तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये….

इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो, 
बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं।

तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात नहीं .......
 बस एक छोटा सा दिल टुटा है, और कोई बात नहीं

तुम आए थे, पता लगा... सुन कर अच्छा भी
 लगा.... पर गेरों से पता चला, बेहद बुरा लगा ….

सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज,
जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना

कभी जिन्दगी का ये हुनर भी
आजमाना चाहिए, जब अपनों से जंग हो, 
तो हार जाना चाहिए

यकीनन " मुझे आज भी इश्क है तुमसे ।
 बस अब बयाँ करने की आदत नही

हमारा दिल बहुत ज़ख़्मी है लेकिन....! 
मुहब्बत सर उठा के जी रही है..

कहीं पर भी होती अगर एक मंज़िल,
तो गर्दिश में कोई सितारा न होता ! ये सारे का सारा जहां अपना होता, अगर यह हमारा तुम्हारा न होता

झूझती रही...
बिखरती रही
टूटती रही.....
कुछ इस तरह ज़िन्दगी रही !




sad shayari😭 life 2 line

Sad Shayari 😭 life 2 line


चलो एक poem सुनाते है

एक आदत थी रिश्ते निभाने की

कोई दूर जाए फिर भी पास बुलाने की

लोग छोड़ते रहे फिर भी हम पकड़ते हैं 

रिश्तों की कद्र के लिए वो ना पकड़े फिर भी हम पकड़ते रहे। याद बस हम उतना आए 

जब जब हमने याद किया 

रिप्लाई बस इतने आए जितना हम ने सवाल किया 

कद्र की शाम ढलती गई जोड़ भी कमजोर पड़ती गई टूट 

ना जाए रस्सी शांत हो गए हम तब लोगों को लगा कि 

बेपरवाह हो गए हम हो गए चलो अब अपने लिए कुछ ढूंढ कर लाते हैं

बेपरवाही से सही अब रिश्तो में थोड़े लापरवाही दिखाते हैं







सोचते थे कि उनसे बिछड़े तो मर जाएंगे,

गजब का वहम था, बुखार तक न आया... !!


शोहरत की भूक हम को कहाँ ले के आ गई.

हम मोहतरम हुए भी तो किरदार बेच कर


महफ़िल में ना आऊँ तो महफ़िल में जान कैसे आए

मैं ख़ुद ग़ज़ल हूँ, मैना गुनगुनाऊँ, तो बात कैसे आए…


कलम से दिलकी आवाज लिखता हु

 गम जुदाई के अन्दाज से ब्या लिखता हु

रुकते नही आसु जब उसकी याद मे अलफाज लिखता

हमारे शहर आ जाओ हमेशा बरसात रहती हैं 

यहां कभी बादल बरसता हैं तो कभी आँखे


तुमसे बिछड़ के भी_मुकद्दर के हो गए___

फिर जो भी दर पे मिला है—उसी दर के हो गए


काट कर ग़ैरों की टांगें, खुद लगा लेते हैं लोग

 इस शहर में इस तरह भी क़द बढ़ा लेते हैं लोग


अरे ताले लगवा दो मोहब्बत की यूनिवर्सिटी को",

" हर आशिक की डिग्रीयहाँ फ़र्जी निकल रही है


खुदा करे की जिंदगी में यह मुकाम आए

मुझे भूलने की दुआ करो उस दुआ में तेरा नाम आए


अपनी आखरी सांस भरने से पहले। थक कर कुछ गलत करने से पहले। तुम लौट आना अपने खेरियत पूछने से पहले।

 



 
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