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लंगड़ी चिड़िया की दर्द भरी कहानी

लंगड़ी चिड़िया की दर्द भरी कहानी  


एक पेड़ पर टूनी नाम की चिड़िया रहती थी। उसके बचपन मे एक हादसा की वजह से उसका एक पैर कट गया था। जिसके वजह से वो चल नहीं पाती थी। वो सारा दिन घर पर अकेले बैठी रहती थी। पैर न होने की वजह से उसके माता-पिता उसको बोझ समझते थे। 

टूनी का पिता 

अरे भागयवान मै तो इस लंगड़ी टूनी से परेशान हो चुका हु। एक तो मुझे दाने लेने काफी दूर शहर के तरफ जाना पड़ता है। फिर काफी मशकद करने के बाद सिर्फ कुछ ही दाने मिलते है। कभी-कभी तो ऐसे ही खाली हाथ भी लौटना पड़ता है। अब तुम ही बताओ इतनी गरीबी मे इस लंगड़ी को हम बैठा कर कब तक खिला पाएंगे?

टूनी की मा

अरे जब उस दिन इसका पैर कटा था। मैंने आपसे उसी दिन बोला था, की ये आगे चल कर हम पर बोझ बनेगी। इसलिए इसको पॉइज़न की सुई दिलवा कर मार देते है। लेकिन आपने तो उस दिन मेरी बात नहीं मानी। तो लो अब भुगतों। 





पिता 

अरे.. हा भगवान मेरे से उस दिन बहुत बड़ी गलती हो गई थी। उस दिन इसे मारे देते तो। आज इसे बैठाकर खिलाना नहीं पड़ता। अब इससे छुटकारा पाने के लिए तुम ही कोई तरकीब बताओ?

माँ 

देखिए जी। मुझे इस लंगड़ी से छुटकारा पाने का सिर्फ एक तरकीब सूझ रहा है। 

पिता 

क्या भाग्यवान?

माँ 

इस लंगड़ी को चील कसाई से बेच देते है। इससे छुटकारा भी मिल जाएगा.. और बहुत सारे पैसे भी मिल जाएंगे। 

पिता 

अरे.. वाह भाग्यवान क्या तरकीब बताई है। आज ही रात को चील कसाई को बुलाकर इसे बेच देते है। 

टूनी चिड़िया चुपके से अपने मा और पिता की बात सुन रही थी। 

टूनी चिड़िया 

हे भगवान आप मुझे किस गलती की सजा दे रहे हो। कृपया मेरे पैर वापस कर दो। फिर मेरे मा और पापा मुझे नहीं बेचेंगे। मेरे मा और पापा बहुत अछे थे। सिर्फ पैर कटने की वजह से ऐसा बोल रहे है। कृपया आप मेरा पैर वापस कर दीजिए भगवान.. प्लीज?

इतना बोलकर टूनी फूट-फूट कर रोने लगती है। 

सूरज डूबता है और पूरे जंगल मे अंधेरा छा जाता है। तभी टूनी के पापा कसाई छील को अपने साथ घर पर लाते है। टूनी उस समय सोई हुई होती है। 

पापा 

चील जी ये देखिए इसी लंगड़ी को बेचना है। 

चील 

इस लड़की को.. अरे ये तो बहुत पतली है। इसका मांस तो इंसान बहुत सस्ते मे खरीदेंगे। मै तो इसका सिर्फ 10 रुपया ही दूंगा। बेचना है तो बेचो वरना मै जा रहा हु। 

मा 

अरे चील जी। मैंने इसको पूरी जिंदगी बैठा कर खिलाया है। इतना पैसा दो की हमे घाटा न हो। 

चील 

ठीक है। मै 5 रुपये और बढ़ा रहा हु। आपको अब 15 रुपये दे सकता हु। बेचना है तो जल्दी बोलो। 

पापा 

ठीक है चील कसाई। आप इसे जल्दी ले जाओ। 

चील कसाई अपनी पोटली मे से टूनी के मा को पैसे देता है। और टूनी को उठा कर ले जाने लगता है। तभी अचानक टूनी की नींद टूट जाती है। 


टूनी 

मा.. ये अंकल मुझे कहा ले जा रहे है माँ?

मा 

अब तू मुझे मा कह कर मत पुकार। क्यूंकी मैंने तुम्हें इस चील कसाई के हाथों बेच दिया है। अब तुम्हारा मा और पिता ये चील ही है। 

टूनी 

माँ आप मुझे क्यू बेच रहे हो। मै लंगड़ी हु इसलिए? मा मै अबसे आपका सारा काम करूंगा। प्लीज मुझे मत बेचो?

मा 

जा-जा बड़ा आई काम करने। तू लंगड़ी भला काम कैसे करेगी। तुझे भगवान ने जल्दी मरने के लिए ही पैदा किया है। 

टूनी 

पापा आप कुछ बोलो न. बोलो न चील अंकल मुझे छोड़ दे।

पापा 

अब मै क्या बोलू? अब बोलने से तुम्हें चील छोड़ थोड़े ही देगा। 

टूनी 

पापा मुझे बहुत डर लग रहा है। प्लीज मुझे मत बेचो। 

टूनी चिलाती रही लेकिन उसको कोई भी बचाने नहीं आया। 

टूनी को चिलाते देख चील को गुस्सा आ गया। 

चील 

ये लंगड़ी चिड़िया चुप हो जा वरना.. यही जिंदा तुझे कहा जाऊंगा।    

चील का गुस्सा देखर टूनी चुप हो जाती है।

चील कसाई टूनी को लेकर पास के ही बाजार मे ले जाता है। और टूनी को बेचने लगता है। 

चील 

ताजा-ताजा मांस लेलों, ताजा-ताजा मांस लेलों। 

उसके दुकान पर एक एक कौवा आता है। 

कौवा 

क्या चील भाई। पिछली बार तो बगुला का मांस बहुत अच्छा था। बहुत मजे से खाया था। लेकिन आज क्या लाए हो?

चील 

अरे कौवा भाई आज जवान चिड़िया लाया हु। बहुत तंदुरुस्त और ताजा है। जल्दी लेलों वरना कोई और ले लेगा। 

कौवा 

क्या चिड़िया लाए हो। अरे बहुत दिनों से मेरा मन चिड़िया खाने को कर रहा था। आज तुमने मेरी पुकार सुन ली। चलो दिखाओ कहा है वो चिड़िया। आज तो नमक-मिर्च लगा कर खाऊँगा। 

चील टूनी चिड़िया को दिखाता है। 

चील 

ये देखो। ये है वो चिड़िया। जल्दी ले लो। आज मुझे शादी मे जाना है। 

कौवा टूनी चिड़िया को देखता है। तभी उसकी नजर उसके टूटे पैर पर जाता है। 

कौवा 

अरे चील तुम मुझे पागल समझे हो का। इसका तो पैर टूट हुआ है। मै घायल पंछी को नहीं खाता। 

इतना बोलकर कौवा उड़कर वहा से चल जाता है। 

चील 

अरे चिड़िया को तो कोई नहीं खरीद रहा। अगर कोई नहीं खरीदेगा तो मुझे बहुत बड़ा घाटा हो जाएगा। 

चील अभी ये सोच ही रहा था। तभी सामने से वहा एक इंसान आ गया। इंसान को देखकर चील टूनी को छोड़कर फटाफट वहा से भाग गया। बेचारी टूनी चिड़िया कई दिनों से खाना न खाने की वजह से उड़ नहीं पाई। 

टूनी 

हे भगवान अगर मुझे मारना ही है तो जल्दी मार दो। मुझे इतना तड़पा क्यू रहे हो?

तभी उसके पास वो इंसान या गया। अचानक उस इंसान को देखकर टूनी और भी डर गई। वो इंसान टूनी को ध्यान से देख रहा था। 

टूनी 

मुझे छोड़ दो.. मुझे छोड़ दो.. 

तभी वो इंसान बोलता है। 

इंसान 

नन्ही चिड़िया तुम मेरे से मत डरो। मै तुम्हें कुछ नहीं करूंगा। और देखो तो तुम्हारे पैर मे चोट लगी है। चलो मई तुम्हारा इलाज करता हु। 

वो इंसान टूनी को लेकर उसका अछे से इलाज करता है। और डॉक्टर से उसका टूटा हुआ पैर भी लगवा देता है।  

टूनी अपना नया पैर देखकर बहुत खुश हो जाती है। 

टूनी 

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद इंसान भईया। 

इंसान 

अरे नन्ही चिड़िया इसमे धनवाद की क्या जरूरत है। तुम खुश हो यही मेरे लिए काफी है। 

टूनी 

इंसान भईया अब। मुझे अपने ममी और पापा की बहुत याद आ रही है। अब मुझे घर जाने का आज्ञा दीजिए?

इंसान 

ठीक है। तुम्हारी जैसी मर्जी। 

टूनी इंसान को अलविदा कह कर वहा से सीधा अपने घर चली गई। 

घर जाने पर टूनी ने देखा की उसका घोंसला टूटा हुआ है। और उसके ममी और पापा नीचे घायल होकर गिरे हुए है। 

टूनी जल्दी से अपने पैर मे ममी और पापा को उठा कर उल्लू डॉक्टर के पास इलाज कराने ले गई। 

कुछ देर के बाद उसके ममी पापा को होश आता है। तभी उल्लू डॉक्टर उनको टूनी की सारे बातें बात देता है। 

ये सुनकर उसके ममी और पापा टूनी को गले लगा लेते है। 

पापा 

मेरे से बहुत गलती हो गई बेटा मुझे माफ कर दो। मुझे तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। 

मा 

मुझे भी माफ कर दो टूनी बेटा। मैंने पैसे के लालच मे तुम्हें बेच दिया था। अब मुझे पछतावा हो रहा है। की बिना संतान की जिंदगी कैसी होती है। अगर आज तुम न होती तो हम मर ही जाते। 

टूनी 

अरे मा आप हाथ मत जोड़िए। गलतिया सब से होती है, जो इंसान अपनी गलतियों को कबुल करता है। उसे माफ कर देना चाहिए। चलो बीते हुए सभी बातों को भुला कर। एक नई जिंदगी की शुरुआत करते है। 


 
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