Badmshi shayari

 मेरे हर लफ्ज में जो ये उदासी है

अरे यही तो मेरी बदमाशी है..!

 

बेधड़क झांकता रहता है

आसमान से गुस्ताख चांद

भी बदमाशी में उतर आया है..!

 

वक्त की बदमाशियो ने

पास जितना कर दिया था

दूर हम तुम उतनी ही

किस्मत की साजिश से हुए है..!

 





हमारी शराफत का फायदा उठाना बंद कर दो,

जिस दिन हम बदमाश हो गए कयामत आ जाएगी !

 

प्यार से बात करोगे तो प्यार ही पाओगे अगर,

अकड़ के बात की तो,

मेरी block list में नजर आओगे !

 

जो भूल गए उन्हें भूल जाने दो,

सब याद करेंगे मतलब के दिन तो आने दो !

 

सुन बे लोंडे हम से पंगा और भरी,

महफ़िल में दंगा दोनों खतरनाक है !

 

 

कुछ लोग मिलके कर रहे है मेरी बुराई,

तुम बेटे इतने सारे और मैं,

अकेला मचा रहा हूँ तबाही !

 

बेधड़क झांकता रहता है,

आसमान से गुस्ताख चांद भी,

बदमाशी में उतर आया है ।

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comentários:

Post a Comment

 
Copyright © 2013. Meri Dard Diary Shayari - All Rights Reserved
Template Created by ThemeXpose | Published By Gooyaabi Templates