2 लाइन शायरी यह सच है कि प्रेम में इंसान कवि और शायर बन जाता है। जब पतिदेव नजरों से दूर हों तो दिल में कई तरह के ख्याल आते हैं जिनकों शब्दों में कहना मुश्किल होता है, पढ़िए ये
यानी अब उसकी मुहब्बत का हलफ़ माँगूँ मैं
यानी अब सुर्ख लबों पे मैं सियाही फेंकूँ
तिरे इश्क की इंतिहा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
हर वक्त तेरा ही तेरा ख्याल आता है
तेरी यादें कोई EMI है किश्तों में घंटे घंटे आती है।
ये तो जमीं की आदत है की हर चीज़ को समा देती है तेरी याद में गिरने
वाले आंसुओं का अलग समंदर होता।
उसने एक और दर्द दिया तो खुदा याद आएगा कि हमने भी दुआओं
में उनके सारे गम मांगे थे.
सरहदें तोड़ के आ जाती है किसी पंछी की तरह,
ये तेरी याद है जो बंटती नहीं मुल्कों की तरह।
दिल का हाल बताना नही आता, किसी को ऐसे तड़पना नही आता,
सुनना चाहते है एक बार आवाज आपकी, मगर बात करने का बहाना नही आता…!!
इश्क की गलियों में लापता ना हो जनाब
गलियों का क्या भरोसा कब कहां मुड़ जाए..!!
जीने का मजा तो सबके साथ आता है
अकेले तो सिर्फ जिंदगी गुजारी जाती है..!!
हम उनसे खफा क्या हुए
उसने तो हमारे हर निशान को मिटा दिया..!!
हमें गम के सागर से निकालने की
कोशिश ना कीजिए खुद ही डूब जाओगे..!!
हमसे ना पूछो किसी का पता हम तो खुद
लापता है उनके इश्क की गलियों में..!!
खुदगर्ज हुआ करते थे कभी जो
अब जमाने के रंगों में ना जाने कहां खो गए..!!


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