Sad shayari in hindi

 तुमसे बिछड़ के भी_मुकद्दर के हो गए___

फिर जो भी दर पे मिला है—उसी दर के हो गए

 

काट कर ग़ैरों की टांगें, खुद लगा लेते हैं लोग

 इस शहर में इस तरह भी क़द बढ़ा लेते हैं लोग

 

अरे ताले लगवा दो मोहब्बत की यूनिवर्सिटी को",

" हर आशिक की डिग्रीयहाँ फ़र्जी निकल रही है

 






खुदा करे की जिंदगी में यह मुकाम आए

मुझे भूलने की दुआ करो उस दुआ में तेरा नाम आए

 

अपनी आखरी सांस भरने से पहले। थक कर कुछ गलत करने से पहले। तुम लौट आना अपने खेरियत पूछने से पहले।

 

मोहब्बत में किसी का इंतजार मत करना,

 हो सके तो किसी से प्यार मत करना,

कुछ नहीं मिलता मोहब्बत कर के,

खुद की ज़िन्दगी बेकार मत करना।

 

कि तेरी यादें आज भी उन पन्नों में दर्ज है

जिस किताब को मेरे आंसुओं ने लिखा था….

 

मेरा वक्त जता रहा है दुख मेरा

यार बेवफा निकाला राजा मेरा

 

यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर,

तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये….

 

इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो,

बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं।

 

तुम पुछो और मैं ना बताऊँ, अभी ऐसे हालात नहीं .......

 बस एक छोटा सा दिल टुटा है, और कोई बात नहीं

 

तुम आए थे, पता लगा... सुन कर अच्छा भी

 लगा.... पर गेरों से पता चला, बेहद बुरा लगा ….

 

सीख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज,

जिससे मतलब निकल जाए उसे जिंदगी से निकाल देना

 

कभी जिन्दगी का ये हुनर भी

आजमाना चाहिए, जब अपनों से जंग हो,

तो हार जाना चाहिए

 

यकीनन " मुझे आज भी इश्क है तुमसे ।

 बस अब बयाँ करने की आदत नही

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